यूपी पुलिस इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश, जानें पूरा मामला
कानपुर में गैंगरेप के बाद छात्रा की हत्या मामले में गवाही देने नहीं आ रहे केस के विवेचक इंस्पेक्टर रत्नेश यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश एडीजे-11 ने दिया है।
यह आदेश इंस्पेक्टर के मोबाइल पर भेज दिया गया है। उनका वेतन रोकने का भी आदेश दिया गया है। इसकी प्रति लखनऊ पुलिस की साइबर सेल को भेजी गई है।
रेलबाजार निवासी छात्रा 29 दिसंबर 2021 की सुबह कॉलेज जाने के लिए निकली थी। दोपहर एक बजे बहन ने फोन किया पर उसका फोन नहीं उठा। कई बार फोन किया गया पर बात नहीं हुई। रात आठ बजे अचानक एक युवक ने कॉल रिसीव की और छात्रा के सीओडी पुल के पास पड़े होने की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजन छात्रा को कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने कई घंटे पहले मौत होने की पुष्टि की। जांच के बाद पता चला कि युवती की गैंगरेप के बाद बिजली के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने सोमनाथ गौतम, सत्यम मौर्या व रावेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीजीसी भास्कर मिश्र ने बताया कि मामले में अब तक मृतका के भाई, मौसी व एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए जा चुके हैं जबकि विवेचक रहे तत्कालीन रेलबाजार इंस्पेक्टर रत्नेश यादव को कई तारीखों से गवाही के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वह नहीं आ रहे हैं। एडीजीसी ने बताया कि वर्तमान में इंस्पेक्टर लखनऊ साइबर सेल में तैनात हैं। मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।

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