रायबरेली में मेंथा की पेराई की तैयारी के लिए खेत गए किसान की फावड़े से हत्या
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे हलोर गांव निवासी किसान तेज बहादुर वर्मा (42) पुत्र माता प्रसाद खेत में लगे नलकूप पर मेंथा की फसल की पेराई की तैयारी के लिए टैंक रखवाने गए थे। इस दौरान उनके साथ उनका छोटा भाई प्रदीप व कपूरपुर गांव के मजदूर लवकुश व अखिलेश भी टैंक बनवाने में मदद के लिए गए थे।
कुछ देर काम करने के बाद तेज बहादुर ने अपने छोटे भाई प्रदीप को जानवरों के लिए हरा चारा काटकर ले जाने के लिए घर भेज दिया। काम में लगे मजदूर लवकुश व अखिलेश भी घर चले गए। सुबह करीब 11:30 बजे खेत पर गई कुछ महिलाओं ने तेज बहादुर का शव टैंक के पास ही खून से लथपथ देखा। इस पर सभी चीखती हुई गांव पहुंचीं। उन्होंने घटना की सूचना हलोर गांव प्रधान रिंकू चौधरी व परिजनों को दी।
प्रधान की सूचना पर महराजगंज कोतवाल जगदीश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की पड़ताल की। इस दौरान पुलिस को घटनास्थल से फावड़ा बरामद हुआ है, जो किसान के शव के पास पड़ा था। क्षेत्राधिकारी महराजगंज प्रदीप कुमार ने भी जांच की। बताया कि आरोपी की तलाश के लिए टीम बनाई गई है। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने मौके का निरीक्षण किया। बताया कि फावड़े से हमला कर हत्या की गई है। पीछे से हमला किए जाने की आशंका है। रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
खेती का काम देखते थे तेज बहादुर
तेज बहादुर की पत्नी रीता देवी हलोर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। मंगलवार सुबह वह समर कैंप के लिए स्कूल गई थीं और तेज बहादुर खेत गए थे। उनका बेटा सौरभ (20) स्नातक और बेटी काजल (16) हाईस्कूल में पढ़ती है। तेज बहादुर चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण खेती का पूरा कार्य देखते थे। किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि हत्या क्यों की गई। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहादुर की गांव में कोई रंजिश नहीं है।
हत्या की कहानी पहेली सरीखी
तेज बहादुर की हत्या किस कारण हुई और कौन खेत पर मौजूद था, यह पहेली सरीखा है। तेज बहादुर ने अपने छोटे भाई और मजदूरों को पहले ही भेज दिया था। ऐसे में खेत पर कौन लोग आए और उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस इसका पता लगा रही है, लेकिन कोई सुराग पुलिस के पास नहीं है। पुलिस फावड़े पर फिंगर प्रिंट की जांच कराने जा रही है। खेत के आसपास भी छानबीन की गई है।

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