रायबरेली- बहेरवा में अम्बेडकर भूमि पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

रायबरेली- बहेरवा में अम्बेडकर भूमि पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

-:विज्ञापन:-



रिपोर्ट-सागर तिवारी


- ग्रामीणों ने लगाए तहसील प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप, उच्च अधिकारियों से की जांच की मांग


- साढ़े 8 बीघे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

ऊंचाहार-रायबरेली-बहेरवा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम दर्ज सरकारी भूमि पर भू-माफिया अवैध कब्जा कर रहे हैं।
यह विवादित भूमि संख्या 433, 450, 435, 449 और 451 है, जो लगभग साढ़े 8 बीघे है। यह ऊसर भूमि और खेल-कूद मैदान के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतापगढ़ जनपद के थाना मानिकपुर क्षेत्र के भू-माफिया ने इस भूमि को निशाना बनाया है।शिकायत के अनुसार, भू-माफिया ने बगल की कुछ किसान की भूमि खरीदकर, पूर्व लेखपालों, तहसीलदारों और वर्तमान व पूर्व प्रधानों की मिलीभगत से सरकारी भूमि की प्लाटिंग कर बेच दी है। 
जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने उपजिलाधिकारी के समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया। तहसील प्रशासन ने जांच शुरू की, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफियाओं के प्रभाव के कारण जांच में रुकावट आई।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ताओं के खिलाफ फर्जी प्रार्थना पत्र देकर जांच को बाधित करने का प्रयास किया गया। ऊँचाहार कोतवाली के चौकी इंचार्ज एनटीपीसी दबाव बनाकर झूठे मुकदमे का डर दिखाया।
नायब तहसीलदार शम्भू शरण पण्डेय और कानूनगो चन्द्र कुमार दीक्षित पर झूठी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है। राजस्व टीम ने मात्र एक घंटे में पैमाइश कर जांच समाप्त कर दी और बोर्ड लगा दिया कि यह भूमि बाबा साहब तथा खेलकूद की जमीन है, लेकिन ऊसर भूमि का सीमांकन नहीं किया।
पहले राजस्व निरीक्षक चन्द्र कुमार दीक्षित के नेतृत्व में लेखपालों की जांच दो दिन चली थी। लेकिन नायब तहसीलदार पण्डेय के नेतृत्व में शेष 75 प्रतिशत भूमि एक घंटे में नाप कर जांच समाप्त कर दी गई, जिससे ग्रामीणों को मिलीभगत की आशंका हुई।
शिकायतकर्ताओं को न तो जांच में शामिल किया गया और न ही उन्हें संतुष्ट किया गया। आरोपित प्रधान को शामिल कर जांच समाप्त कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें ऊँचाहार तहसील के अधिकारियों पर अब भरोसा नहीं रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिले के उच्च अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों के समक्ष जांच कराई जाए, ताकि उन्हें अधिकारियों पर विश्वास और भरोसा हो सके।इस दौरान बसपा नेता राम बाबू अंबेडकर, अंकित कुमार, अमरनाथ यादव रामराज लोधी, आफताब आलम मेवालाल मौर्या, अखिलेश चन्द्र संजय कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, आशीष कुमार समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।