रायबरेली-सूखी नहरों के बीच किसानों के सामने धान की नर्सरी डालने का संकट,,,,

रायबरेली-सूखी नहरों के बीच किसानों के सामने धान की नर्सरी डालने का संकट,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार-रायबरेली-सिंचाई विभाग का हेड से टेल तक पानी पहुंचाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। ऐसे में सूखी पड़ी नहरों के बीच धान की नर्सरी की तैयारी में जुटे किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी है। निजी नलकूप व पंपिंग सेट के सहारे धान की नर्सरी तैयार करना कठिन हो रहा है। क्योंकि क्यारियों में पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है।
         डलमऊ पंप कैनाल से ऊंचाहार रजबहा में इस बार अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। जिसकी वजह से इस रजबहे से निकलने वाली कंदरावा माइनर भी सूखी पड़ी है। इसी रजबहा से कमोली किशुनदास पुर, पुरनशाहपुर, सरबहदा, रामसांडा, कोट, गुलरिहा, सवैया हसन, सवैया राजे, पूरे मालिन, बहेरवा तथा कंदरावा माइनर से पूरे बेनऊ, गंधवी, बाहर पुर, पचखरा, पूरे बनियन, बटौआ पुर, रामबक्स का पुरवा, लाला का पुरवा, महिमापुर, उसरहा पुरवा, कंदरावा, बरसवां समेत क्षेत्र के करीब 36 गांवों के 25 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होते हैं। इन किसानों के पास सिंचाई के लिए इस नहर के अलावा दूसरा अन्य कोई साधन नहीं है। पूरे बेनऊ निवासी संगम लाल मिश्र, कमलेश कुमार, दिलीप कुमार यादव, रमेश कुमार, अभिषेक मिश्र, कृष्ण कान्त पांडेय, अमरदीप यादव, राजू आदि किसानों का कहना है कि बरसात के बाद खेतों की जोताई तो करवा दी। लेकिन नहर में पानी ना आने धान की नर्सरी तैयार कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है। नहर में पानी छोड़े जाने को लेकर सिंचाई विभाग से लेकर स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगाई गई। लेकिन जिम्मेदारों की सिथिलता के चलते समस्या बनी हुई  है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हेमंत कुमार वर्मा ने कहा कि समस्या को देखते हुए नहर मे हेड से टेल तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। धान की नर्सरी के लिए जल्द ही किसानों को पानी मिल जाएगा।