रायबरेली-हिंदू मुस्लिम एकता की एक मिसाल देखने को मिला जाने कहाँ और कैसे,,,,,,?

रायबरेली-हिंदू मुस्लिम एकता की एक मिसाल देखने को मिला जाने कहाँ और कैसे,,,,,,?

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी




सलोंन-रायबरेली कस्बे में आज हिंदू मुस्लिम एकता की एक मिसाल देखने को मिली, जो काबिले तारीफ है,अपने हिंदू दोस्त की मां के मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए मोहल्ले के दर्जनों मुस्लिम दोस्त एकत्र हुए व अंतिम संस्कार में अपनी पूरी भूमिका अदा की, मुस्लिम नौजवानों ने अपने दोस्त की मां के अंतिम संस्कार में पूरा सहयोग किया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है ।
नगर सलोंन के वार्ड में मिलकियाना पूर्वी में  #पूर्व_सभासद_राधे_बाबा_पटवा के परिवार में स्वर्गीय #बैजनाथ_पटवा की #पत्नी_व_उमेश_पटवा की मां का कल शाम को निधन हो गया था। हिंदू बाहुल्य मोहल्ले में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार जब लोग एकत्र नहीं हुई तो मुस्लिम नौजवानों ने ही आगे बढ़कर अंतिम संस्कार में अपनी पूरी भूमिका अदा की। पूरे देश में जहां एक तरफ लोग नफरत की आग में जल रहे हैं ,वही सलोंन नगर की यह घटना दिल को छू लेने वाली है जो दो संप्रदाय को आपस में एक जुट रहने के साथ ही , हर दुख सुख में साथ रहने  के वचन को चरितार्थ करता है।। यह घटना उन तमाम लोगों के गाल पर तमाचा है जो नगर में हर समय हिंदू, मुसलमान नफरत की राजनीति किया करते हैं। हर छोटी-छोटी घटना को सियासी रंग देते हैं l परंतु जब किसी निर्धन के यहां दुख की घड़ी आती है तो वह अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। अपने दोस्त के साथ कंधा से कंधा मिलने वाले नौजवानों में मोहम्मद आजम खान मेवाती, आलम मेवाती,इस्लाम मेवाती, शकील मेवाती, माशूक मेवाती, चांद मेवाती, पप्पू कुरैशी, हाफ़िज़ उमर, जुनैद सलमानी, क़ासिम घोसी, सद्दाम घोसी, ठाकुर सलमानी, अशफ़ाक सलमानी, शाहबाज सलमानी, गोरे सलमानी, ख़लील बाबा, मुनीर सलमानी, क़ासिम मेवाती, तकरीबन 35 से 40 मुस्लिम समुदाय के लोगों अंतिम संस्कार का पूरा कार्य किया!