रायबरेली- पुलिस के लाख कवायद के बाद भी नहीं थम रहा क्षेत्र में गांजा का कारोबार

रायबरेली- पुलिस के लाख कवायद के बाद भी नहीं थम रहा क्षेत्र में गांजा का कारोबार

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 



ऊंचाहार- रायबरेली। पुलिस के लाख कवायद के बाद भी गांजा कारोबारी सक्रिय हैं। क्षेत्र में  
मादक पदार्थ कुटीर उद्योग बनता जा रहा है। छोटी छोटी पान की दुकानों पर गांजा की बिक्री की जा रही है। ऊंचाहार पुलिस की गांजा कारोबारियों पर कथित कार्रवाई मात्र आला कमान को खुश करने तक ही सीमित है। सूत्रों के मुताबिक गांजा माफियाओं पर छिटपुट कार्रवाई के बाद भी कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुलाब मजरे कंदरावाँ गाँव में एक कथित दिव्यांग बिल्ली (उपनाम) खुले आम पुड़िया में भरकर गांजा की बिक्री कर रहा है। उसका दावा है कि रुपयों के एवज में उसे पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए वह खुलेआम वह पुड़िया में गांजा भरकर बेच रहा है। गांजा बिक्री से अधिकांश नाबालिग बच्चे और युवा नशे की जद में हैं। जो अभिभावकों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह के जिले की कमान संभालते ही गांजा के कारोबार पर अंकुश लग गया था। अभिभावकों समेत क्षेत्रीय लोगों में एक सुकून देखने को मिला था। उन्होंने पुलिस अधीक्षक आभार व्यक्त किया था। किन्तु स्थानीय पुलिसिया हथकंडे ने एक बार फिर गांजा कारोबारियों को सक्रिय कर दिया है। स्थानीय पुलिस आला कमान को गांजा कारोबार बन्द होने की कथित रिपोर्ट दे रहे हैं। इसमें बीट सिपाही से लेकर हल्के दरोगा समेत बड़के साहब की अहम भूमिका है। यह कारोबार महज पूरे गुलाब गाँव में ही नहीं अपितु बहेरवा, सराएं हरदो, कोटिया चित्रा, पिपराहा, गोकना, खरौली बीकरगढ़, बटौवापुर, रामबख्श का पुरवा, इटौरा बुजुर्ग, अरखा, सादे की बाज़ार, अकोढिया समेत कई गाँव में गांजा कारोबारी सक्रिय हैं। 
पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार नौहवार भी अपने रटे रटाये बयान में कहते हैं कि समय समय पर गांजा कारोबार के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। क्षेत्र में गांजा कारोबार की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।