रायबरेली-आखिर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम एवं क्लिनिको पर कब कार्यवाही करेंगे सीएमओ साहब, पूछती है जनता?
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रायबरेली। बीते दिनों शहर में स्थित एक निजी नर्सिंग होम में एक मासूम बालिका की सर्जरी के दौरान नर्सिंग होम के डॉक्टर के द्वारा बरती गई घोर लापरवाही से उस मासूम बालिका की बिगड़ी हालत एवं लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई उसकी मौत ने जनपद के स्वास्थ्य विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। फिलहाल जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नवीन चंद्रा ने उक्त मामले में पूर्व में ही एक टीम गठित कर उक्त लापरवाह नर्सिंग होम के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए नोटिस चस्पा कर उसे अवैध घोषित कर दिया। सीएमओ साहब की इस त्वरित कार्यवाही के बाद उन्हें बधाई एवं प्रशंसा भी मिली। लेकिन क्षेत्र की जनता अब उनसे सवाल पूछती हुई नजर आ रही है। बात की जाए तो बछरावां क्षेत्र में तमाम ऐसे नर्सिंग होम, अस्पताल एवं निजी क्लिनिक संचालित हो रहे हैं, जिनका नाम शायद सीएमओ साहब की रजिस्ट्रेशन लिस्ट में भी न हो। लगातार ऐसे अवैध रूप से संचालित यह संस्थान क्षेत्र की आम जनता को इलाज के नाम पर भी लूट रहे हैं। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी जनपद के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इन अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर कार्यवाही करने के बजाय मौन धारण किए हुए हैं। जो कहीं न कहीं दाल में कुछ काला होने की ओर संकेत कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र की जनता अब जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से यह सवाल करती हुई नजर आ रही है कि जो हाल एक मासूम बालिका का शहर के एक निजी नर्सिंग होम के डॉक्टरों एवं संचालकों की घोर लापरवाही से हुआ है, क्या वही हाल सीएमओ साहब क्षेत्र की जनता का क्षेत्र के किसी नर्सिंग होम, अस्पताल या निजी क्लिनिक में देखना चाहते हैं, और अगर ऐसा सीएमओ साहब नहीं चाहते हैं तो फिर उन्हें क्षेत्र में संचालित ऐसे अवैध स्वास्थ्य संस्थानों को चिन्हित कर उनके ऊपर कार्यवाही करने की जरूरत है। फिलहाल क्षेत्र की आवाम सवाल पूछने के साथ-साथ सीएमओ साहब की कार्यवाही का भी इंतजार कर रही है। जो उसे टेढ़ी खीर साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है?

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