यूपी के प्रयागराज में कानून और रिश्ते के बीच का पल बना गवाह

यूपी के प्रयागराज में कानून और रिश्ते के बीच का पल बना गवाह

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही को मिली बहाली, पूर्व आईजी की बेटी ने ही पिता का फैसला सिद्ध किया गलत

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बरेली पुलिस कांस्टेबल तौफीक अहमद की बर्खास्तगी को रद्द करते हुए उसकी सेवा में बहाली का आदेश दिया है। न्यायालय ने कहा कि विभागीय कार्यवाही में गंभीर प्रक्रियागत खामियां पाई गईं और जांच अधिकारी को दंड की संस्तुति करने का अधिकार नहीं था।

पूर्व आई जी राकेश सिंह के फैसले के खिलाफ उनकी ही वकील बेटी अनुरा सिंह, तौफीक अहमद की वकील बनीं और उन्होंने बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करा दिया।

मामले के अनुसार, जनवरी 2023 में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सफर कर रही 17 वर्षीय किशोरी ने कांस्टेबल तौफीक अहमद पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। किशोरी के पिता की शिकायत पर पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। निचली अदालत ने बाद में अहमद को आरोपमुक्त कर दिया, लेकिन पुलिस विभाग ने विभागीय जांच के आधार पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया।

तौफीक अहमद की अपील तत्कालीन बरेली रेंज आईजी राकेश सिंह ने खारिज कर दी थी। इसके बाद अहमद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां उनके वकील के रूप में पूर्व आईजी राकेश सिंह की वकील बेटी अनुरा सिंह ने पैरवी की और दलील दी कि जांच प्रक्रिया में गंभीर कानूनी त्रुटियां हुईं है और दंड आदेश नियमों के अनुरूप नहीं था।

पूर्व आई जी की वकील बेटी ने सिपाही की बर्खास्तगी को इस आधार पर चुनौती दी कि जांच अधिकारी ने जांच कर दंड की संस्तुति कर कानूनी गलती की है। उसे दंड की संस्तुति करने का अधिकार नहीं है। उच्च न्यायालय ने दंड आदेश में खामियां पाईं, फैसला सुनाया कि प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था और बरेली पुलिस कांस्टेबल तौफीक अहमद को बहाल करने का आदेश दिया।

उच्च न्यायालय में अनुरा ने तर्क दिया कि विभागीय जांच और बर्खास्तगी आदेश त्रुटिपूर्ण थे और कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थे। कार्यवाही के दौरान, उनके पिता, जिन्होंने बर्खास्तगी आदेश सही होने की पुष्टि की थी, वह सही नहीं था।

न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने विभागीय कार्यवाही को खारिज करते हुए कहा कि यदि विभाग चाहे तो नए जांच अधिकारी की नियुक्ति कर तीन माह में पुनः जांच पूरी करे। फिलहाल, बरेली पुलिस को तौफीक अहमद को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया गया है।