रायबरेली के नगर पालिका में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत पहुंची शासन,जांच के आदेश
दरअसल सभासद सतीश कुमार मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, पंकज साहू व पुष्पा यादव ने अप्रैल में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव समेत अन्य अफसरों को पत्र भेजकर नगर पालिका परिषद क्षेत्र रायबरेली में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाया था।
सभासदों की ओर से शिकायत की गई थी कि असंवैधानिक तरीके से बोर्ड की बैठक करा दी गई है। कागजों पर विकास कार्य कराए गए हैं और ठेकेदारों को रुपयों का भुगतान भी करा दिया गया।
शासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जांच करके रिपोर्ट तलब कर ली। एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ ने जांच के लिए एडीएम न्यायिक विशाल यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव की अगुवाई में दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
ये लगाए गए हैं आरोप1- राना नगर में खड़ंजा और सड़क का निर्माण कागजों पर कराया गया है। इसके एवज में ठेकेदार को 15 लाख रुपये का भुगतान करा दिया गया।
2- पालिकाध्यक्ष को 50 लाख के कार्य कराने के पॉवर देकर फर्जी भुगतान कराया गया।
3- 34 में से 15 सभासदों की मौजूदगी में ही बोर्ड की बैठक करा दी गई।
4- ईओ और पालिकाध्यक्ष की मिलीभगत से ऐसे लोगों के नाम पर भुगतान कर दिया गया है जो डयूटी नहीं करते।
5- पालिकाध्यक्ष के घर पर पालिका के कर्मियों की डयूटी लगा दी गई है।
6- पालिकाध्यक्ष के नाम शत्रुघ्न नगर वार्ड बनाकर विकास कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए।
7- चहेते ठेकेदारों को ही पालिका में कार्य दिया जा रहा है।
8- 40 फीसदी कमीशन लेकर ठेकेदारों का भुगतान करा दिया गया।
9- एलईडी लाइटों को लगवाने के नाम पर भुगतान में गड़बड़ी की गई।
10- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना के नाम पर धन का बंदरबांट।
11- रोड स्वीपिंग मशीन से सफाई के नाम पर लूटखसोट।

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