रायबरेली:अधिवक्ता की हत्या के विरोध में ऊंचाहार तहसील के वकीलों ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

रायबरेली:अधिवक्ता की हत्या के विरोध में ऊंचाहार तहसील के वकीलों ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार, रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक अधिवक्ता की नृशंस हत्या के विरोध में आज गुरुवार को तहसील बार एसोसिएशन, ऊंचाहार के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। तहसील मुख्यालय पर एकजुट होकर अधिवक्ताओं ने न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि प्रस्ताव पारित कर पूर्ण रूप से न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का कारण
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रामपुर के अधिवक्ता श्री फारुख अहमद की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन के सामने निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी हैं:
त्वरित गिरफ्तारी: हत्या के आरोपियों की तत्काल पहचान कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट: प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' को तुरंत लागू किया जाए।
सुरक्षा की गारंटी: आए दिन वकीलों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
महासचिव राजेन्द्र कुमार शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (SDM) ऊंचाहार के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रेषित किया। प्रस्ताव की प्रतियां तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालयों को भी भेजी गई हैं, ताकि न्यायिक कार्यों में अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति की आधिकारिक सूचना दर्ज रहे।
"अधिवक्ताओं की सुरक्षा समाज और न्याय व्यवस्था के लिए अनिवार्य है। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती और सुरक्षा कानून लागू नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।इस प्रदर्शन के कारण आज तहसील में राजस्व और अन्य न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रहे, जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।