रायबरेली:माघी पूर्णिमा: गोकर्ण तीर्थ गोकना घाट पर उमड़ा जनसैलाब, महाआरती के बाद शुरू हुआ आस्था का महापर्व,,,,

रायबरेली:माघी पूर्णिमा: गोकर्ण तीर्थ गोकना घाट पर उमड़ा जनसैलाब, महाआरती के बाद शुरू हुआ आस्था का महापर्व,,,,

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊँचाहार (रायबरेली): माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर ऊँचाहार के पौराणिक गोकर्ण ऋषि की तपस्थली गोकना घाट पर श्रद्धा और विश्वास का भव्य नजारा देखने को मिला। शनिवार शाम से ही क्षेत्र में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था, जिससे पूरा तट भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
महाआरती से हुआ शुभारंभ
उत्सव की शुरुआत शनिवार शाम को भव्य महाआरती के साथ हुई। घाट के वरिष्ठ पुरोहित पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने पूरे विधि-विधान से गंगा आरती संपन्न कराई। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारी और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। दीपों की रोशनी से जगमगाता गंगा तट अद्भुत छटा बिखेर रहा था।
कड़ाके की ठंड में अटूट आस्था
रविवार भोर से ही मुख्य स्नान शुरू हुआ। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। रविवार सुबह 10 बजे तक स्थिति यह थी कि हजारों श्रद्धालु अनवरत गंगा में डुबकी लगा रहे थे। उत्तरवाहिनी गंगा के इस तट पर स्नान के पश्चात भक्तों ने तिल, गुड़ और खिचड़ी का दान कर पुण्य लाभ कमाया।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। घाट पर गहरे पानी की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार गश्त करती रही।
मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर इस पावन तट पर स्नान करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। यही कारण है कि दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का तांता देर शाम तक लगा