रायबरेली-10 से 12 वर्ष पुराने जमीनी विवाद की रंजिश खूनी संघर्ष में हुई तब्दील

रायबरेली-10 से 12 वर्ष पुराने जमीनी विवाद की रंजिश खूनी संघर्ष में हुई तब्दील

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दो पक्षों की जमकर हुई मारपीट, एक पक्ष से छह घायल, दो रेफर


ग्रामीणों ने दबी जुबान से स्थानीय पुलिस की संदिग्ध संलिप्तता एवं कार्यवाही पर भी उठाये सवाल

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत मदारखेड़ा मजरे नीवा गांव में रविवार को 10 से 12 वर्ष पुरानी चली आ रही जमीनी विवाद की रंजिश तब खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई, जब दो पक्षों के बीच हुई जमकर मारपीट में एक पक्ष से  सुनील कुमार पुत्र बेचालाल, नीलम देवी पत्नी सुनील कुमार, रामप्रसाद पुत्र भगवानदीन, राम कुमारी पत्नी रामप्रसाद, रूबी पत्नी अनिल कुमार, रंजना देवी पत्नी श्रवण कुमार सहित कुल आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। जिन्हें आनन- फानन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया गया। जहां मौजूद चिकित्सक के द्वारा सभी का प्राथमिक उपचार करने के पश्चात सुनील कुमार एवं राम कुमारी की हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पीड़ित राम प्रसाद पुत्र भगवानदीन निवासी मदारखेड़ा मजरे नीवा ने स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि विपक्षी बृजेश सिंह पुत्र रामलखन सिंह, हरिसेवक सिंह पुत्र रामलखन सिंह, नान्हू सिंह पुत्र रामलखन सिंह, बल्लू सिंह पुत्र रामलखन सिंह, ओम सिंह पुत्र हरिशरण सिंह, उज्ज्वल सिंह पुत्र बल्लू सिंह, करन सिंह पुत्र नान्हू सिंह, लालू सिंह पुत्र अज्ञात निवासीगण मदारखेड़ा मजरे नीवा ने प्रार्थी के परिवार के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। प्रार्थी के द्वारा यह भी बताया गया कि वह कोरी जाति का है, उसके मकान में दो दरवाजे हैं, पीछे का दरवाजा आम रास्ता है। जिस पर गांव के अन्य मकान का भी रास्ता है। जबकि विपक्षी उस रास्ते को बंद करना चाहते हैं और नीव भी खोद रखा है। प्रार्थी के द्वारा रविवार को डायल 112 पर घटना सूचना दी गई। मौके पर पहुंची 112 पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों को थाने आने के लिए कहा गया कि वहां आइये, वही फैसला होगा। 112 पुलिस के जाने के बाद विपक्षी मारपीट करना शुरू कर दिए, जिससे हमारे घर के उपरोक्त लोग घायल हो गये जिन्हे गंभीर चोटे आई है। विपक्षीयो ने मारपीट के दौरान भद्दी भद्दी जाति सूचक गालियां देते हुए लाठी डंडे से वार कर दिया और दौड़ा दौड़ा कर पीटा है। जिससे गंभीर रूप से घायल सुनील कुमार और रामकुमारी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इसी कड़ी में प्रार्थी रामप्रसाद के द्वारा यह भी बताया गया कि पूर्व में भी उक्त घटना को लेकर विवाद हुआ था। जिसके पश्चात मैंने उपजिलाधिकारी महाराजगंज एवं जिलाधिकारी रायबरेली को  घटना का प्रार्थना पत्र देते हुए इस संबंध में अवगत कराया था। दोनो अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में प्रार्थी के द्वारा यह बताया गया कि गाटा संख्या 432 रकबा 1.00 हेक्टेयर जो की खतौनी में आबादी के रूप में अंकित है। जिस पर विपक्षीगण अपना कब्जा कर रहे हैं। साथ ही साथ जब इस संबंध में स्थानीय थाने में पूर्व में सूचना दी गई तो मौके पर मय पुलिस बल के साथ बछरावां थाना प्रभारी पहुंचे और उन्होंने विपक्षीगणों से साठ गाठ कर प्रार्थी का दरवाजा बंद करवाना चाहा, जिससे मौके पर प्रार्थी व उसके परिवार वाले हैरान व परेशान हो गए थे। परंतु रविवार को घटित हुई इस घटना के पश्चात प्रार्थी ने पुनः बछरावां थाने में प्रार्थना पत्र देकर उक्त दबंग एवं सरहंग किस्म के विपक्षियों से अपने परिवार व अपनी जान माल का खतरा बताते हुए न्याय की मांग की है। इस बाबत थाना प्रभारी बछरावां श्याम कुमार पाल ने बताया कि घटना की जानकारी एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। दोनों को दृष्टिगत रखते हुए आगे की जांच पड़ताल करते हुए विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं उक्त खूनी संघर्ष की घटित हुई घटना के पश्चात स्थानीय गांव के ग्रामीण दबी जुबान से उक्त घटना पर स्थानीय पुलिस की संदिग्ध भूमिका एवं संलिप्तता की चर्चा कर रहे हैं, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मामले में अगर पुलिस पूर्व में ही कोई ठोस कदम उठाकर कार्यवाही करती, तो हो सकता था कि आज यह खूनी संघर्ष नहीं होता। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।