ऊंचाहार पट्टी रहस कैथवल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शौचालय निर्माण में बडा़ भ्रष्टाचार जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

ऊंचाहार पट्टी रहस कैथवल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शौचालय निर्माण में बडा़ भ्रष्टाचार जाने क्या है पूरा मामला,,,❓

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     रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार/रायबरेली: भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका जीवंत प्रमाण ऊंचाहार के पट्टी रहस कैथवल स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में देखने को मिल रहा है। यहाँ छात्राओं की सुविधा के नाम पर UPCLDF द्वारा ठेकेदारी प्रथा से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में मानकों की ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसे देख कर रूह कांप जाए।

मानकों का कत्लेआम और कमीशनखोरी का खेल

विद्यालय परिसर में 17.39 लाख की लागत से दो मंजिला शौचालय और 11 लाख की लागत से कंप्यूटर कक्ष का निर्माण हो रहा है। कुल 28 लाख से अधिक के इस बजट को ठिकाने लगाने के लिए निर्माण ठेकेदार ने 'क्वालिटी' शब्द से जैसे नाता ही तोड़ लिया है। मौके पर लाल ईंटों की जगह दोयम दर्जे की पीली ईंटें बिछाई जा रही हैं। मसाले के नाम पर भद्दा मज़ाक किया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी निम्न है कि यह इमारतें बनने के चन्द महीनों में ही जर्जर स्थिति में पहुंचने की आशंका है।

भविष्य से खिलवाड़: कौन होगा जिम्मेदार?

स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश बुलंदियों को छू रहा है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि ठेकेदार और कंपनी अपना मुनाफा कमाकर निकल जाएंगे, लेकिन कल को अगर यह जर्जर इमारत किसी मासूम बच्ची पर गिरती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या कस्तूरबा विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है? सरकारी धन की यह खुली डकैती सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है।इस इमारत के निर्माण में कार्यरत अवर अभियंता संजय कुमार सिंह तक मामला पहुँचाया जा चुका हैं। बावजूद इसके, निर्माण कार्य का न रुकना और जांच न होना विभाग की कार्यशैली को संदिग्ध बनाता है। क्या भ्रष्टाचार के इस खेल में ऊपर से नीचे तक सबकी मिलीभगत है? प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़ी जनहानि को खुला निमंत्रण दे रही है।