रायबरेली-ठंड में इंसाफ की तलाश, फरियादियों पर भारी पड़ा सिस्टम

रायबरेली-ठंड में इंसाफ की तलाश, फरियादियों पर भारी पड़ा सिस्टम

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रायबरेली। जनपद के विकास भवन परिसर में इन दिनों इंसाफ ठंड से कांप रहा है। पिछले तीन दिनों से अलग-अलग तहसीलों से आए 8 फरियादी खुले आसमान के नीचे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई अब तक सिर्फ आश्वासनों तक ही सिमटी नजर आ रही है। रात की कड़ाके की ठंड में जब लोग अलाव तलाशते हैं, तब ये फरियादी न्याय की उम्मीद में जमीन पर बैठे हुए हैं। इनका कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी बीच धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार का रवैया विवादों में आ गया। धरनारत लोगों का आरोप है कि बातचीत के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने मर्यादा लांघते हुए उन्हें गुलाम कहा और यह भी कह दिया कि अगर दादागिरी करनी है तो करते रहो, मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। इस कथित बयान ने पहले से परेशान फरियादियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया और मौके पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी हैं और संबंधित विभाग को निर्देश भी दिए गए हैं। लेकिन सवाल यही है कि क्या सत्ता और सिस्टम की जिम्मेदारी सिर्फ आदेश तक सीमित है, या फिर संवेदनशीलता भी उसका हिस्सा होनी चाहिए? अब नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या ठंड में बैठे फरियादियों को राहत मिलेगी या फिर इंसाफ यूं ही खुले आसमान के नीचे ठिठुरता रहेगा?