यूपी में इंस्पेक्टर से लेकर लेखपाल तक, संपत्ति छिपाने में सबसे आगे निकले इन सरकारी महकमों के कर्मचारी
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
लखनऊ-राज्यकर्मियों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने को लेकर योगी सरकार के कड़े रुख के बावजूद स्वास्थ्य, गृह व राजस्व विभाग के सबसे ज्यादा कार्मिकों ने अपनी संपत्ति नहीं बतायी है।
जिन 47,816 कार्मिकों ने तय अवधि 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं की है उनमें इन तीनों विभागों के ही 57 प्रतिशत से अधिक कार्मिक हैं।
स्वास्थ्य के 15,150(31.68 प्रतिशत), गृह(पुलिस) के 6479(13.55 प्रतिशत) और राजस्व(तहसील) के 5682 (11.88 प्रतिशत) कार्मिक हैं। राज्य के 73 विभागों में से 65 विभागों के सभी कार्मिकों ने संपत्ति नहीं बतायी है। सिर्फ आठ विभागों के शत-प्रतिशत कार्मिकों ने ही अपनी संपत्ति पोर्टल पर तय समय से पहले अपलोड की है।
प्रदेश में सभी श्रेणियों के 8,65,460 राज्यकर्मी है। उप्र सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सभी राज्यकर्मियों को प्रति वर्ष अनिवार्य रूप से अपनी चल-अचल संपत्ति का वार्षिक ब्योरा 31 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से देना होता है।
हालांकि, तय अवधि में 8,17,631 कर्मिकों ने ही अपनी संपत्ति पोर्टल पर अपलोड की। शेष 47,816 का वेतन रोकने के साथ ही उनके विरुद्ध अब अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है।
गौर करने की बात यह है कि संपत्ति न बताने पर कार्यवाही के दायरे में सर्वाधिक कार्मिक स्वास्थ्य, गृह, राजस्व के अलावा पंचायती राज, लोक निर्माण, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, सिंचाई, वित्त व वन विभाग के ही हैं। इनमें विभिन्न विभागों में तैनात इंजीनियर, डाक्टर, शिक्षा अधिकारी, इंस्पेक्टर से लेकर पुलिस वाले, राजस्व अधिकारी सहित लेखपाल आदि हैं।
संपत्ति न बताने वाले प्रथम श्रेणी (वेतन लेवल-11(67,700-2,08,700 रुपये)) के 16.89 प्रतिशत, द्वितीय (वेतन लेवल-7(44,900-1,42,400 रुपये) से अधिक) के 13.92 प्रतिशत, तृतीय(वेतन लेवल-2(19,900-63,200 रुपये) से अधिक) के 4.03 प्रतिशत तथा चतुर्थ श्रेणी के (वेतन लेवल-2(19,900-63,200 रुपये) से कम) के पद के 7.34 प्रतिशत कार्मिकों का जनवरी का वेतन रोका गया है।
उन विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी(डीडीओ) के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है जिनके द्वारा संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कार्मिक को फरवरी में वेतन देने पर रोक नहीं लगाई गई।
प्रमुख विभागों के संपत्ति न बताने वाले कार्मिक
| विभाग | कार्मिकों की संख्या |
| स्वास्थ्य | 15,150 |
| गृह | 6,479 |
| राजस्व | 5,682 |
| पंचायती राज | 4,785 |
| लोक निर्माण | 3,162 |
| बेसिक शिक्षा | 2,842 |
| माध्यमिक शिक्षा | 1,621 |
| पशुपालन | 895 |
| बाल विकास-पुष्टाहार | 712 |
| सिंचाई | 689 |
| वित्त | 651 |
| वन | 407 |
इन विभागों के सभी कार्मिकों ने बतायी संपत्ति
राज्य के 73 विभागों में जहां कई विभागों के कुछ कार्मिकों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है वहीं ऐसे विभाग भी हैं जिनके शत-प्रतिशत कार्मिकों ने अपनी चल-अचल संपत्ति मानव संपदा पोर्टल पर 31 जनवरी तक अपलोड कर दी। इनमें पर्यावरण, ऊर्जा, सैनिक कल्याण, रेशम, आवास एवं नगर नियोजन, टेक्सटाइल, जिला गजेटियर व विधान परिषद सचिवालय है।

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