रायबरेली-व्यापारियों के लिए संतुलित, दूरदर्शी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को आधार देने वाला बजट: सुनील सागर

रायबरेली-व्यापारियों के लिए संतुलित, दूरदर्शी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को आधार देने वाला बजट: सुनील सागर

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावाँ रायबरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री एवं बछरावाँ व्यापार मंडल अध्यक्ष सुनील सागर ने संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा केंद्रीय बजट 2026-27 व्यापारियों के लिए संतुलित, दूरदर्शी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को आधार देने वाला बजट है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार व्यापार, उद्योग और आर्थिक संरचना को सशक्त बनाकर भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में वृहद अवसंरचना निवेश-विशेषकर लॉजिस्टिक्स, फ्रेट कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग और हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाएँ- व्यापारिक गतिविधियों को नई मजबूती प्रदान करेंगी। इससे सप्लाई चेन अधिक सुदृढ़ होगी, परिवहन लागत में कमी आएगी और छोटे-बड़े व्यवसायों के विस्तार को नई गति मिलेगी। ₹10,000 करोड़ के विशेष MSME ग्रोथ फंड जैसे प्रावधान छोटे और मध्यम उद्योगों को ‘चैंपियन’ बनने का अवसर देंगे तथा उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में व्यापारिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा सिद्ध होगा।व्यापारिक अनुपालन को सरल बनाने, वित्तीय लिक्विडिटी सुधारने तथा डिजिटल भुगतान और देयक निपटान प्रणालियों को सुदृढ़ करने जैसे उपाय छोटे व्यापारियों के लिए राहतकारी सिद्ध होंगे। ऐसी व्यवस्थाएँ व्यापार में विश्वास, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ाएँगी। उच्च-तकनीकी विनिर्माण और निर्यात-उन्मुख नीतियाँ- जैसे सेमीकंडक्टर मिशन, टेक्सटाइल पार्क, बायोफार्मा क्षेत्र और कंटेनर विनिर्माण-बदलते वैश्विक बाजार में भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगी। कर संरचना और नियमों में स्थिरता व्यापार संचालन के लिए सकारात्मक वातावरण प्रदान करती है। हमारा मानना है कि यह बजट व्यापार-हितैषी नीतियों, निवेश वृद्धि, प्रतिस्पर्धा विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है। अब आवश्यक है कि इन घोषणाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ धरातल पर उतारा जाए, ताकि व्यापारिक वर्ग और आम जनता दोनों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।