रायबरेली-राम मंदिर स्थापना के दूसरे दिन की पुलिस उखाड़ फेंका कई सैकड़ों वर्ष पुराना शिवालय

रायबरेली-राम मंदिर स्थापना के दूसरे दिन की पुलिस उखाड़ फेंका कई सैकड़ों वर्ष पुराना शिवालय

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 



ग्रामीणों ने एसपी से की शिकायत , क्षेत्र में जनाक्रोश

ऊंचाहार-रायबरेली । एक दिन पहले देश के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धर्म ध्वजा फहराने के लिए अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा किया । इस पावन दिवस के दूसरे दिन पुलिस का विधर्मी चेहरा सामने आया है । आपसी विवाद के बीच पुलिस की कोप का शिकार भगवान शिव का मंदिर हुआ है । कोतवाल ने शिवालय को तोड़कर फेंकवा दिया , जिससे क्षेत्र में जनाक्रोश फैल गया । ग्रामीणों ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
    मामला कोतवाली क्षेत्र के रामपुर मजरे किसुनदास पुर का है । गांव के जटाशंकर और प्रमोद के बीच सहन की जमीन का विवाद चल रहा था । जटा शंकर के घर के पास सैकड़ों वर्ष पुराना शिवालय था । यहां पर इनके बुजुर्गो ने शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की थी । सोमवार को भगवान राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए इस शिवालय को न सिर्फ सजाया गया अपितु भव्य धार्मिक आयोजन भी हुआ था । हर्ष उल्लास और उत्साह के बीच सोमवार को ही इस शिवालय में नंदी महराज की स्थापना भी की गई थी । इस उत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को गांव में कोतवाल के साथ नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे , और ग्रामीणों के विरोध के बावजूद इस इस सैकड़ों वर्ष पुराने शिवालय को तोड़वाकर फेंक दिया । इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया । ग्रामीण भागकर जिला मुख्यालय पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे । ग्रामीणों ने एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग की है । सीओ अरुण कुमार नौहार का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है । शिवालय तोड़ने जैसी बात असत्य है ।