रायबरेली-राष्ट्रीय परशुराम सेना ने यूजीसी को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

रायबरेली-राष्ट्रीय परशुराम सेना ने यूजीसी को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


लालगंज रायबरेली। राष्ट्रीय परशुराम सेना व गौ रक्षा दल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित 'काले कानून' के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश महासचिव अंकित पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। संगठन का आरोप है कि यूजीसी के ये नए नियम 'सवर्ण विरोधी' हैं। उनका दावा है कि इन नए प्रावधानों के तहत सवर्ण छात्रों के लिए उत्तीर्ण अंक (पासिंग मार्क्स) बहुत अधिक रखे गए हैं, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।परशुराम सेना ने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए, न कि 'अगड़ा-पिछड़ा' के आधार पर किसी एक वर्ग के अधिकारों का हनन कर दूसरे वर्ग के लिए मार्ग प्रशस्त करना। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून एकपक्षीय होगा, तो इसका परिणाम दीर्घकालिक सामाजिक विभाजन के रूप में सामने आ सकता है। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी के इस एकपक्षीय एवं सवर्ण छात्रों के विरुद्ध प्रभाव डालने वाले ड्राफ्ट रेगुलेशन को तत्काल वापस लिया जाए। संगठन ने सभी वर्गों के लिए समान अवसर, योग्यता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, नीति निर्धारण समितियों में सभी सामाजिक वर्गों का संतुलित और पारदर्शी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही गई। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और राज्य सरकारों से व्यापक परामर्श के बाद ही कोई नई नीति लागू की जाए। उनका मानना है कि निर्णय समितियों में सामाजिक विविधता का अभाव नीति को एकपक्षीय, पक्षपातपूर्ण और अविश्वसनीय बनाता है।प्रदर्शन में अजय कुमार, अंजनी सिंह, मनीष यादव,संदीप यादव, शिव सिंह, अभिषेक शुक्ला, गीतांश तिवारी, ठाकुर अमर वेद सिंह, एडवोकेट ए.के. त्रिपाठी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।