रायबरेली में हल्की बारिश और तेज हवा से बढ़ी ठंड, अगले तीन द‍िन तक सुबह बना रहेगा कोहरा

रायबरेली में हल्की बारिश और तेज हवा से बढ़ी ठंड, अगले तीन द‍िन तक सुबह बना रहेगा कोहरा

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली- मौसम ने मंगलवार की सुबह अचानक करवट बदल ली। आसमान में घने बादल छा गए और गरज-चमक के साथ कई स्थानों पर बारिश भी हुई। इसी के साथ आईं तेज हवाओं ने लोगों को ठिठुरा दिया।

वहीं, किसानों के लिए यह बारिश चिंता और राहत दोनों लेकर आई है। दिनभर बादल छाए रहे। लोगों को गर्म कपड़े फिर से निकालने पड़ गए। बुधवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, आगे के तीन दिनों तक सुबह कोहरा बना रहेगा।

तेज गड़गड़ाहट और बूंदाबांदी से मंगलवार की सुबह हुई। घर से काम और स्कूलों को निकले बच्चे और बड़े सभी बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश करते दिखे। सड़कों पर पानी जमा होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अचानक बढ़ी ठंड के कारण लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए।

बारिश और ठंड का सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों पर देखा जा रहा है। किसानों के लिए यह बारिश राहत और चिंता दोनों लेकर आई है। किसान रामखेलावन, मोहन, जगदेव और राम किशोर ने बताया कि यह बारिश गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद है, इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई की आवश्यकता कम होगी।

उन्होंने कहा कि यदि बारिश लंबे समय तक जारी रही, तो आलू, मटर और अन्य सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, बरसात के साथ तेज हवाओं से खेतों में लहलहाती फसलें कई जगहों पर पटरा हो गईं हैं।//B//B

लालगंज

बरसात के चलते कुछ किसानों की फसल गिरी है। पूरे अमृत निवासी किसान विमलेश शुक्ला, आबिद, दुर्गाशंकर त्रिवेदी आदि का कहना है कि फसलों के लिए यह बरसात सोना है। बारिश के पानी से फसलों को संजीवनी मिली हैं। बारिश के चलते सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी व्यापारियों को उठाना पड़ा।

कृषि विज्ञानी की सलाह

कृषि विज्ञानी डा़ आरके कनौजिया ने बनाया कहा कि इस बारिश से गेंहू को लाभ होगा, लेकिन इस तरह का मौसम लगातार बने रहने से सरसों में माहू कीड़े का प्रकोप बढ़ जाता है। इस बार सरसों की फसल अच्छी हुई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इस मौसम में खेतों का निरीक्षण करें, अगर सरसों में माहू का छोटा कीड़ा दिखे तो उसमें नीम के तेल का छिड़काव जैविक के रूप में करें।

इसके अतिरिक्त अगर ज्यादा मात्रा में माहू के कीड़े लगे हैं तो रासायनिक मैलाथ्यान का प्रयोग करें। बदली के मौसम में माहू लगने की संभावना ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा कि चना मटर के किसान बारिश के इंतजार में थे कि हल्की बारिश हो जाए तो सिंचाई नही करनी पड़ेगी। यह हल्की बारिश किसानों के राहत है।