पति का शव लेकर 13 घंटे ट्रेन में यात्रा करती रही महिला, अयोध्या से पहले ही जीआरपी ने उतारा

पति का शव लेकर 13 घंटे ट्रेन में यात्रा करती रही महिला, अयोध्या से पहले ही जीआरपी ने उतारा

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झांसी से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां साबरमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक शख्स की मौत हो गई। इसके बावजूद बच्चों संग सवार उसकी बीवी करीब 13 घंटे तक पति के शव के साथ ट्रेन में यात्रा करती रहीं।

यात्रियों की आपत्ति व विरोध के बाद मंगलवार रात झांसी में महिला व उसके पति का शव जीआरपी ने उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। महिला का पति सूरत में वाहन चालक था। हादसे में घायल होने के बाद बिगड़ रही हालत देख वह पति को साथ लेकर अयोध्या अपने घर लौट रही थी।

अयोध्या के गांव मजलाई इनायतनगर के रामकुमार कोरी पत्नी प्रेमा व दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ करीब 15 साल से सूरत में रह रहा था। पिछले दिनों सड़क हादसे में रामकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। पत्नी उसका इलाज करा रही थी लेकिन सुधार न होने और हालत बिगड़ने से प्रेमा रामकुमार को अयोध्या ले जा रही थी। बच्चों और पति के साथ वह साबरमती एक्सप्रेस के आरक्षित कोच नंबर एस-6 में सवार हो गई। रास्ते में मदद के लिए रामकुमार का दोस्त सुरेश भी था। मंगलवार सुबह सीट पर रामकुमार बेहोश पड़ा था।

जानकारी पत्नी ने सुरेश को दी। सुरेश ने उसे देखा तो बताया कि रामकुमार की मौत हो चुकी है। बीच रास्ते कहीं उतरना न पड़े, इसलिए मौत की बात छिपाकर दोनों ने चुप्पी साध ली। काफी देर तक रामकुमार के हलचल न करने पर यात्रियों को संदेह हुआ। प्रेमा और सुरेश से बार-बार पूछने पर दोनों ने रामकुमार की मौत होने की जानकारी दी। इस पर यात्रियों ने शव कोच में ले जाने का विरोध किया। मामले की सूचना टीटीई व कंट्रोल रूम को देने के बाद रात सवा नौ बजे ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पहुंची तो जीआरपी व आरपीएफ ने अटेंड किया और शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।