रायबरेली-बाईपास मार्ग पर दुर्घटना का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है गजियापुर गांव, हो चुके दर्जनों हादसे व कई मौतें

रायबरेली-बाईपास मार्ग पर दुर्घटना का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है गजियापुर गांव, हो चुके दर्जनों हादसे व कई मौतें

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ग्रामीणों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बाईपास पर स्पीड ब्रेकर, सीसीटीवी और प्रकाश की व्यवस्था करने की रखी मांग 


अगर जल्द ही हमारी समस्या का नहीं हुआ समाधान तो, संवैधानिक रूप से हम सब अन्य कदम उठाने को होंगे बाध्य: ग्रामीण


रिपोर्ट:-ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत बांदा बहराइच राजमार्ग को लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाला चुरूवा पश्चिम गांव बाईपास आए दिन सड़क दुर्घटनाओं के कारण चर्चा का विषय बना रहता है। परंतु इसी बाईपास पर स्थित गजियापुर गांव दुर्घटनाओं का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है। बीते कई वर्षों में घटित हुई दुर्घटनाओं को लेकर ग्रामीणों ने बीते एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी रायबरेली को शिकायती पत्र देते हुए उक्त बाईपास पर स्पीड ब्रेकर, सीसीटीवी कैमरा एवं प्रकाश की व्यवस्था करवाएं जाने की मांग रखी है। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त बाईपास पर  दुर्घटना के केंद्र बिंदु गजियापुर गाँव में दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को दिन में करीब 2:30 बजे रजनी पत्नी स्व० उमेश कुमार की पुत्री राशि उम्र लगभग 6 वर्ष, जो स्कूल से घर आने के लिए सड़क पार कर रही थी, उसी समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से उसकी मौत हो गई। घटना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर दिया, लेकिन उसके पश्चात कोई कानूनी कार्यवाही नहीं हुई। इससे दो वर्ष पूर्व रजनी के पति उमेश कुमार की इसी बाईपास पर सड़क हादसे में मृत्यु हो गई, इसके करीब 1 वर्ष पहले रजनी के बहनोई सुरेश कुमार की भी इसी बाईपास पर स्थित उक्त स्थान के करीब सड़क हादसे में मृत्यु हुई थी एवं रजनी के पति स्व० उमेश कुमार के चाचा शिवप्रसाद के पुत्र अंकुश की भी मृत्यु उक्त घटना स्थल पर सड़क हादसे में हो चुकी है। साथ ही साथ अन्य ग्रामीणों के द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि बीते दिनांक 5 जनवरी 2026 को इसी स्थान पर गांव निवासी इंदर के पुत्र संगम उम्र लगभग 4 वर्ष को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी हालत गंभीर है, और बीते एक महीने से उसका इलाज एसजीपीजीआई ट्रामा सेंटर टू लखनऊ में चल रहा है। ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से यह मांग की है कि यह सारी घटनाएं स्पीड ब्रेकर न होने के कारण तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहनों से आए दिन घटित हो रही है। जिससे यहां का जनमानस काफी परेशान व डरा हुआ है। बच्चे स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं तथा अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उक्त बाईपास पर स्पीड ब्रेकर, सीसीटीवी कैमरा एवं प्रकाश की व्यवस्था उपलब्ध कराया जाना जनहित एवं न्यायहित के लिए अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि इस बाईपास पर वाहनों का आवागमन बहुत अधिक होता है और वाहन अत्यधिक गति एवं अनियंत्रित होकर चलते हैं एवं डंपर से गिट्टी, मौरंग तथा ट्रैक्टर मौरंग व ईटे लादकर ओवरलोड होकर लखनऊ की ओर चलते हैं। इसी कड़ी में ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि इस बाईपास पर प्रकाश की कोई भी व्यवस्था नहीं है, जो कि दुर्घटनाओं को देखते हुए नितांत आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर इस संबंध में सूचित किया, परंतु शासन प्रशासन के द्वारा न तो घटना स्थल का निरीक्षण किया गया न ही किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की गई। इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि ग्रामीणों की उक्त समस्या को दृष्टिगत रखते हुए उनकी समस्या का समाधान करें, ताकि आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही साथ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर शासन प्रशासन उनकी इस समस्या का जल्द ही निराकरण नहीं करता है तो वह संवैधानिक रूप से कोई और कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। जिसका जिम्मेदार स्वयं शासन व प्रशासन होगा।