पंचायत चुनाव टलने की सुगबुगाहट ने बढ़ाई इच्छुक उम्मीदवारों की धड़कन, गली-चौराहों पर गुजर रहे दिन-रात

पंचायत चुनाव टलने की सुगबुगाहट ने बढ़ाई इच्छुक उम्मीदवारों की धड़कन, गली-चौराहों पर गुजर रहे दिन-रात

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली-जैसे-जैसे 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में विजयी प्रत्याशियों का कार्यकाल समाप्त होने का समय नजदीक आ रहा है। वैसे-वैसे संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, लेकिन चुनाव टलने की सुगबुगाहट ने संभावित उम्मीदवारों के दिलों की धड़कने बढ़ा दी है।

हालांकि जिला निर्वाचन कार्यालय (नगरीय एवं पंचायत) ने चुनाव संबंधित अपनी तैयारी करीब-करीब पूरी कर ली है।

पिछली बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल 2021 में हुए थे। जिसमें 980 ग्राम प्रधान, 12308 ग्राम पंचायत सदस्य, 1288, बीडीसी 1288, जिला पंचायत सदस्य 52, ब्लाक प्रमुख 18 व एक जिलापंचायत अध्यक्ष चयनित हुए थे। करीब मई माह में सभी का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

कई मौजूदा प्रधान और सदस्य ताल ठोंकते को तैयार

कई मौजूदा प्रधान सहित अन्य सदस्य भी इस बार ताल ठोंकते नजर आ रहे है। कई ग्रामीण दबी आवाज में यह भी कह रहे हैं कि जितनी मेहनत प्रधान ने साढ़े चार साल में नही की उससे कई गुना अधिक अब करते नजर आ रहे हैं।

हालांकि चुनाव टलने की सुगबुगाहट का मौजूदा प्रधानों पर खास असर देखने को नही मिल रहा है, लेकिन संभावित उम्मीदवार जी जान से जुटे हैं, उनका दिन रात पूरी तरह गांव के गली चौराहों पर बीत रहा है। हालांकि रह-रहकर उठ रही चुनाव टलने के आवाजें उन पर कुठाराघात कर रही है।

वहीं, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कई राजनीतिक दल इस चुनाव को सेमी फाइनल मानकर चल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा आम हो चली है कि कहीं चुनाव टालना सत्ता पक्ष की कोई चाल तो नही। विपक्षी पक्ष इस बात को पुख्ता करने के कई दलीलें भी दे रहें हैं। उनका कहना है कि पंचायत चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग की तैयारी जितनी तेजी से चली, आखिर समय पर आकर सुस्त क्यों हो गई।

पंचायत चुनाव के लिए मतपत्र छपकर आ गए। उन्हें कड़ी सुरक्षा में डबल लाक में रखवाया गया। नई मतपेटी छप कर आ गईं, उनको भी राजकीय इंटर कालेज में बने स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है। पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की जमानत राशि व प्रचार में व्यय होने वाली धनराशि भी तय कर दी गई। मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन भी हो गया है।

सिर्फ अंतिम सूची छपने का इंतजार है। वहीं इसके अतिरिक्त मतगणना टूल किट की खरीद के लिए टेंडर भी निकाल दिए गए हैं, लेकिन डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच का न शुरू होना व अंतिम मतदाता सूची की तिथि का बढ़ना चुनाव टलने की ओर इशारा तो नही है।