रायबरेली- ऊंचाहार तहसील के गांव गगेंहरा गुलालगंज की बेटी नें किया जिले का नाम किया रोशन,,,,

रायबरेली- ऊंचाहार तहसील के गांव  गगेंहरा गुलालगंज की बेटी नें किया जिले का नाम किया रोशन,,,,
रायबरेली- ऊंचाहार तहसील के गांव  गगेंहरा गुलालगंज की बेटी नें किया जिले का नाम किया रोशन,,,,

-:विज्ञापन:-



रिपोर्ट-सागर तिवारी 




ऊंचाहार, रायबरेली। जीतेंगे हम ये वादा करो,
कोशिश हमेशा ज्यादा करो
किस्मत भी रूठे पर हिम्मत ना टूटे
मजबूत इतना इरादा करो

यह पक्तियां ऊंचाहार क्षेत्र की रहने वाली रिया मिश्रा पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। रिया मिश्रा ने बाल्य अवस्था से ही सपना संजोया था की उन्हे  भारतीय वायु सेना में पायलेट बनकर जहाज़ उड़ाना है और देश के लिए कुछ कर गुजरना है। कई बार उनके जीवन में उतार चढ़ाव आने के बाद भी वह हिम्मत नहीं हारी। यहां तक की परीक्षा में नाम न आने पर उनका चयन थल सेना में होने के बाद प्रिया अपने सपने को नहीं भूली और लक्ष्य का पीछा करते हुए वह आखिरकार एयर फोर्स में पायलेट बन गईं। रक्षा मंत्री ने बैच लगाकर उन्हें आशिर्वाद और शुभकामनाएं दी है। पैतृक निवास पहुंचने पर दादा दादी, चाचा चाची, भाई बहन समेत परिवार और गांव के लोगों ने गौरव से भरे इस पल में बेटी प्रिया को आशिर्वाद दिया।
          ऊंचाहार क्षेत्र के पूरे मिश्रन मजरे गंगेहरा गुलालगंज निवासी जितेन्द्र कुमार मिश्र की बेटी प्रिया मिश्रा ने भारतीय वायु सेना में पायलट उड़ान अधिकारी पद स्थान हासिल किया है। दरअसल रिया मिश्रा दो बहन व एक भाई में दूसरे नम्बर पर हैं। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित चिन्मया विद्यालय से हुई है। इसके बाद वह अपना भारतीय वायु सेना में पायलट बनने का सपना संजोये वर्ष 2017 में स्नातक की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली चली गईं। जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया और वर्ष 2020 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद परस्नातक की पढ़ाई शुरू कर दी परस्नातक की पढ़ाई के दौरान वर्ष 2022 में भारतीय वायु सेना में प्रिया का नाम शामिल न होकर उनका चयन चेन्नई प्रान्त में थल सेना के लिए हो गया। उन्हे थोड़ा मायूसी हुई लेकिन उनके चाचा महेन्द्र कुमार मिश्र ने उन्हें समझाया कि कोई बात नहीं कोशिश करती रहो तुम पायलट बनने के लिए ही बनी हो चाचा की बात पर अमल करते हुए उन्होंने थल सेना में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया और कोशिश करती रहीं। इसी दौरान आखिरकर प्रिया का सपना पूरा हुआ और उनका चयन भारतीय वायु सेना के उड़ान शाखा में पायलेट के पद पर हो गया। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रिया को बैच लगाकर उन्हें आशिर्वाद और शुभकामनाएं दी हैं।
बताते चलें कि रिया के पिता जितेन्द्र कुमार मिश्रा भारतीय थल सेना मध्य प्रदेश में हैं। उनकी माता सुमन मिश्रा गृहणी हैं। बड़ी बहन जूही मिश्रा दिल्ली स्थित भारतीय थल सेना अस्पताल में नर्स हैं। छोटा भाई शिवेन्द्र मिश्रा इण्डियन नेवी में अधिकारी रैंक में चयनित होने के बाद प्रशिक्षणरत है। प्रिया के भारतीय वायु सेना में चयनित होने के बाद अब उन्हें पहली तैनाती हैदराबाद प्रान्त के हाकिम पेट में उड़ान अधिकारी के रूप में हुई है। बता दें कि पढाई और एनसीसी करने के दौरान प्रिया तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई बड़ी हस्तियों से पुरुष्कार हासिल कर चुकी हैं। पायलट बनने के बाद बुधवार को पहली बार पैतृक आवास पूरे मिश्रन मजरे गंगेहरा गुलालगंज आने पर घर के सभी सदस्यों और गांव के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें गले लगाकर अपना आशिर्वाद रूपी प्यार दिया। घर पर उनके दादा राम लखन मिश्रा और दादी कमला मिश्रा के साथ चाचा महेन्द्र कुमार मिश्र और चचेरे भाई बहन समेत उनके चाचा का पूरा परिवार रहता है। रिया के पिता जितेंद्र कुमार मध्य प्रदेश प्रान्त में भारतीय थल सेना में फौजी हैं। इसलिए प्रिया की माता सुमन मिश्रा भी उनके पिता के साथ मध्य प्रदेश में ही रहती हैं। चाचा महेन्द्र कुमार मिश्र गांव में काश्तकारी करते हैं। बुधवार को छुट्टी के दौरान प्रिया के गांव आने पर दूसरे दिन गुरुवार को भी गांव और रिश्तेदारों को उनसे मिलने का सिलसिला जारी रहा।