रायबरेली-उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में पंचायत चुनाव को लेकर जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक संपन्न*

रायबरेली-उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में पंचायत चुनाव को लेकर जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक संपन्न*

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली-आगामी पंचायत चुनावों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से  अपर जिलाधिकारी (प्र)/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी सिद्धार्थ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जन प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन की तैयारियों के साथ मतदाता लिस्ट व बूथ  स्तर पर सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
एडीएम ने सभी जन प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है, इसे निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लग जाने के उपरांत पूर्ण पालन सुनिश्चित कराया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए और जन प्रतिनिधियों से चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।


*खण्ड शिक्षक/ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित मतदेय स्थलों के निर्धारण के संबंध में बैठक संपन्न*

अपर जिलाधिकारी (एडीएम) की अध्यक्षता में लखनऊ खण्ड शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत स्थित मतदेय स्थलों के पुनर्गठन एवं व्यवस्थाओं के संबंध में भी बैठक कलेक्ट्रट सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदेय स्थलों की पुनर्संरचना, निर्वाचन नामावली के पुनरीक्षण तथा मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के सदस्यों का कार्यकाल आगामी 07 फरवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इसको देखते हुए निर्वाचन नामावली का समय पर पुनरीक्षण एवं प्रकाशन किया जाना आवश्यक है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 16 एवं 27 (6) के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। निर्वाचन क्षेत्रों में नए मतदेय स्थलों के निर्माण एवं पुनर्गठन के दौरान यह देखा जाएगा कि किसी परिवार के सभी सदस्य एक ही स्थल पर दर्ज हों तथा दिव्यांग, वृद्ध एवं महिला मतदाताओं के लिए सुगम व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। मतदेय स्थलों की संख्या मतदाताओं की औसत संख्या के अनुसार समय-समय पर परिवर्तित की जाएगी। वर्ष 2023-24 के अनुसार एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1500 मतदाता रखे जाने का प्रावधान है। जिन मतदेय स्थलों पर भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ वैकल्पिक स्थलों की पहचान कर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
एडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।