रायबरेली-,खरौली ग्राम सभा में प्रधान वा सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया जाने का आरोप,,,,,

रायबरेली-,खरौली ग्राम सभा में प्रधान वा सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया जाने का आरोप,,,,,

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी 



ऊंचाहार-रायबरेली- ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मनरेगा अधिकारियों की अनदेखी की वजह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।  इस योजना के तहत गांवों में विभिन्न विकास योजनाओं में श्रमिकों की फर्जी हाजिरी व मस्टररोल से धनराशि आहरित का बंदरबांट किया जा रहा है। ग्राम पंचायत खरौली में प्रधान-सचिव की मिलीभगत से रोजगार सेवक ने कई मजदूरों के फर्जी हाजिरी से लाखों रुपए की चपत लगाई है। गांव निवासी अमित आदि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर मनरेगा में की गई धांधली की जांच कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। आरोप है कि रोजगार सेवक ने मनरेगा योजना के तहत तालाब की खुदाई, सुंदरीकरण, चकमार्ग निर्माण, इंटरलॉकिंग, वृक्षारोपण आदि कार्यों में कई ऐसे लोगों के नाम हाजिरी लगाकर मस्टररोल से भारी भरकम रकम उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया, जिन्होंने एक दिन मनरेगा में काम ही नहीं किया है। जिन्हें वर्ष 2022 से अबतक फर्जी हाजिरी के जरिए प्रत्येक को हजारों का लाभ देकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। इनमें प्रधान के ड्राइवर वीरेंद्र कुमार पुत्र शिव नारायण जॉबकार्ड संख्या 846 के बैंक खाता में 77307 रुपए, कार्ड संख्या 773 आशीष कुमार पुत्र राम आसरे खाते में 52710 रुपए, हरभजन पुत्र शिवबालक कार्ड संख्या 220 धनराशि 54978 रुपए, राम अधार पुत्र रामप्रसाद कार्ड संख्या 847 धनराशि 39078 रुपए, विजय कुमार पुत्र वृंदावन धनराशि 19374 रुपए की धनराशि वर्ष 2022 से अबतक फर्जी हाजिरी लगाकर मस्टररोल बनाकर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह धनराशि विभिन्न वर्षों में मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों जैसे तालाब खुदाई, चकमार्ग निर्माण, चारागाह समतलीकरण व खाईं निर्माण, इंटरलॉकिंग आदि कार्यों में आहरित की गई है। इस फर्जीवाड़े में लाखों रुपए का सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। गांव निवासी अमित ने जिलाधकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में किए गए सरकारी धन के दुरुपयोग व बंदरबांट की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।