रायबरेली-समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी पर लगे भ्रष्टाचार के दाग, पोल खुलने पर डीएम ने जांच बैठाई. गाज गिरना तय

रायबरेली-समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी पर लगे भ्रष्टाचार के दाग, पोल खुलने पर डीएम ने जांच बैठाई. गाज गिरना तय

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

जिला विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है।

 इसमें जिला विकास अधिकारी व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया है।

सीडीओ ने जांच टीम से 7 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

यह है पूरा मामला

पिपरी गुरुबक्शगंज निवासी विजय प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ सात बिंदुओं पर शिकायती पत्र दिया था, जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित जयप्रकाश नारायण विद्यालय में सामान क्रय के लिए बार-बार एक ही फर्म को काम दिया गया है, जो कि विभाग के बाबू मुकेश सिंह के रिश्तेदार की है।

कार्यालय में वृद्धावस्था पेंशन व पारिवारिक लाभ जैसी योजनाओं के लिए लाभार्थियों से सुविधा शुल्क वसूला जाता है, निहास्था व जड़ावगंज की जमीनों पर फसलें उगवाकर पैसा समाज कल्याण अधिकारी बाबू मुकेश के माध्यम से ले रही हैं।

तीन विद्यालयों की कैटरिंग का टेंडर एक ही फर्म को बार-बार दिया जा रहा है, उसको भुगतान के लिए 10% का कमीशन लिया जा रहा है, छात्रावासों में दो साल के भीतर कराए गए सभी कार्य बोगस हैं, कमीशन लेकर इन कार्यों का भुगतान कर दिया गया है।

छात्रावास में 114 रुपए प्रति थाल भोजन के भुगतान का आदेश है, लेकिन नया टेंडर ना होने का 75 रुपए में बच्चों को कुपोषित भोजन दिया जा रहा है, इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता ने समाज कल्याण अधिकारी के पूरे कार्यकाल में किए गए सभी कार्यों की जांच की मांग की है।

डीएम हर्षिता माथुर के निर्देश के बाद सीडीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। समिति को निर्देशित किया गया है कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में उल्लिखित बिंदुओं की जांच कर संयुक्त आख्या व फोटो सहित एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला समाज कल्याण अधिकारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि किसने शिकायत की है, इसकी जानकारी तो नहीं है, पर जांच के लिए कमेटी बनाई गई है, इसकी जानकारी हुई है। इस संबंध में अधिकारी ही बता सकते हैं।